‘कोरोना की चाल’ से बदले-बदले ‘समाज के कदम’….!

डा. अपर्णा (धीर) खण्डेलवाल

हमेशा से ही खुद को स्वतंत्र समझने वाले मानव को….

आज, ‘परतंत्रता’ का एहसास दिला दिया इस कोरोना ने॥१॥

स्वच्छंद होकर भ्रमण करने वाली मानव-जाति को….

आज, ‘पिंजरे’ का एहसास दिला दिया इस कोरोना ने॥२॥

अपनी ‘Facevalue’ पर नाज़ करने वाले मनुष्यों के मुख पर….

आज, ‘Mask’ पहना दिया इस कोरोना ने॥३॥

‘मुख की सुंदरता’ से ‘मन की सुंदरता’ है बलवान….

आज, ‘ज्ञात’ करा दिया इस कोरोना ने॥४॥

सभी योनियों में उत्तम योनि होने के घमंड को….

आज, ‘चूर-चूर’ कर दिया इस कोरोना ने॥५॥

अपशब्द बोलने वाले व्यक्तियों के मुख को मानो…..

आज, ‘सी’ दिया इस कोरोना ने॥६॥

वायु को दूषित करने वाले इंसानों की नाक को…..

आज, ‘आवृत’ कर दिया इस कोरोना ने॥७॥

नदियों को मलिन करने वाले मनुष्यों को…..

आज, ‘पावन निर्मलता से दूर’ कर दिया इस करोना ने॥८॥

आकाश को धूमिल करने वालों के……

आज, ‘वाहनों और कारखानों को बंद’ करवा दिया इस कोरोना ने॥९॥

मां पृथ्वी को थूक कर गंदा करने वाले इंसान को…..

आज, ‘थूक’ से ही डरा दिया इस कोरोना ने॥१०॥

खोद-खोद कर पृथ्वी को चोट पहुंचा रहे मनुष्यों को…..

आज, ‘पृथ्वी की शोभनीयता से दूर’ कर दिया इस कोरोना ने॥११।

अपनों से दूर भाग रहे लोगों को…..

आज, ‘अपनों के क़रीब’ ला दिया इस कोरोना ने॥१२॥

‘Social-Networking’ करने वालों को…..

आज, ‘Social-Distancing का पाठ’ पढ़ा दिया इस कोरोना ने ॥१३॥

बाज़ार की गिरावट, मज़दूरों के मनोबल की ताकत, हुनर की पेशकश, ज़ायके की बहार…. ऐसी अनदेखी-अनसुनी कहानियों को….

आज, ‘सुना’ दिया इस कोरोना ने॥१४॥

मेल-जोल की इस दुनिया को…..

आज, ‘Virtual’ बना दिया इस कोरोना ने॥१५॥

चिकित्सकों – पुलिसकर्मियों – सफाई कर्त्ताओं को ‘Corona-Warriors’ तथा अध्यापकों को ‘Lockdown-Heros’….

आज, बना दिया इस कोरोना ने॥१६॥

महत्वाकांक्षाओं के पीछे भाग रहे इंसानों को…..

आज, ‘सांसारिक वस्तुओं की अस्थिरता’ को समझा दिया इस कोरोना ने॥१७॥

ईश्वर की खोज में निकलने वालों को…..

आज, ‘श्रद्धालुओं के दिलों में ईश्वर का वास’ दिखा दिया इस कोरोना ने॥१८॥

चीन से इटली, इटली से स्पेन, स्पेन से ब्राज़ील, ब्राज़ील से अमेरिका, अमेरिका से भारत और इस तरह कई शहर कई गांव घूमकर…..

बिना मतदान के आज, ‘चुनाव-जीतकर’ दिखा दिया इस कोरोना ने॥१९॥

प्राकृत्तिक आपदा कहें या मानवीय त्रुटि पर सच तो यह है…..

आज, सबको ‘उलझा दिया’ इस कोरोना ने…….’उलझा दिया’ इस कोरोना ने॥२०॥

Dr. Aparna (Dhir) Khandelwal, Assistant Professor, School of Indic Studies, INADS, Dartmouth